विसर्ग सन्धि (:)
सामान्य हिन्दी परिभाषा विसर्ग के बाद किसी स्वर या व्यंजन के आने के कारण जो परिवर्तन होता है, उसे विसर्ग सन्धि कहते हैं। संस्कृत से हिन्दी में व्यवहृत शब्दों में विसर्ग केवल ‘दुः’ और ‘निः’ उपसर्गों में मिलते हैं। नियम विसर्ग सन्धि से सम्बंधित कुछ नियम अधोलिखित हैं— विसर्ग का ‘ओ’ हो जाना विसर्ग के
