Gunakesh

वाक्य-विश्लेषण

“किसी वाक्य के सभी अंगों को अलग-अलग कर उसके पारस्परिक सम्बन्ध दिखाने की क्रिया को वाक्य-विश्लेषण कहते हैं।” हिन्दी व्याकरण में वाक्य-विश्लेषण को ‘वाक्य-विग्रह’, ‘वाक्य-विभाजन’ और ‘वाक्य-पृथक्करण’ भी कहते हैं। वाक्य-विश्लेषण में तीन काम करने पड़ते हैं— ‘उपवाक्य’ किसी वाक्य का एक अंश होता है। इसमें कर्ता और क्रिया का होना आवश्यक है; जैसे— वाक्य-विग्रह

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