admin

तत्सम एवं तद्भव शब्द

शब्द किसी भी भाषा में जो शब्द प्रयुक्त होते हैं उसके समूचे समूह को उस भाषा का ‘शब्द भंडार’ या ‘शब्द संपदा’ कहते हैं। ‘शब्द’ ध्वनियों का एक निश्चित सार्थक क्रम है या ध्वनियों के मेल से बने सार्थक वर्णसमुदाय को ‘शब्द’ कहते हैं। शब्द की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताएँ हैं : निश्चित क्रमबद्धता : शब्दों […]

तत्सम एवं तद्भव शब्द Read More »

अनेक शब्दों के एक शब्द

भूमिका भाषा की सुदृढ़ता, भावों की गम्भीरता और चुस्त शैली के लिये ‘अनेक शब्दों के एक शब्द’ का ज्ञान आवश्यक है। भाषा की समृद्धि के लिये यह आवश्यक है कि शब्दों (पदों) के प्रयोग में संयम से काम लिया जाये, ताकि वह विस्तृत विचारों या भावों को कम-से-कम शब्दों में व्यक्त हो सके। भाषा की

अनेक शब्दों के एक शब्द Read More »

विलोम या विपरीतार्थक शब्द

भूमिका “उल्टे अर्थों में प्रयुक्त होने वाले शब्दों को विलोम शब्द कहते हैं।” विलोम को विपरीतार्थक, प्रतिलोमार्थक और विपर्यावाची शब्द भी कहते हैं। विलोम शब्द सदैव ‘सजातीय’ होते हैं, अर्थात् शब्द का विलोम उसी ‘व्याकरणिक कोटि’ का होगा जिसका वह मूल शब्द है; यथा – संज्ञा पद का विलोम संज्ञापद, विशेषण का विलोम विशेषण, क्रिया

विलोम या विपरीतार्थक शब्द Read More »

विशेष्य और विशेषण

परिचय परिभाषा : “जिस शब्द से संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता का बोध हो, उसे ‘विशेषण’ कहते हैं।” विशेषता : विशेषण एक ‘विकारी’ शब्द है, अर्थात् लिंग, वचन, पुरुष आदि के अनुसार इसमें परिवर्तन होता है। उदाहरणार्थ- काला, काली, काले। विशेषण शब्द विशेष्य के अर्थ को सीमित या मर्यादित या परिमित कर देता है। उदाहरणार्थ,

विशेष्य और विशेषण Read More »

Tourism in UP: Issues and prospects

Introduction Tourism in UP, India, has significant potential due to its rich cultural heritage, historical landmarks, and diverse natural landscapes. Despite these strengths, the industry encounter challenges that impede its growth and prevent it from reaching its full potential. Issues Prospects Despite the challenges, UP possesses vast potential for tourism growth. Several facto₹contribute to this

Tourism in UP: Issues and prospects Read More »

Scroll to Top