अधिसूचना / विज्ञप्ति (Notification)

👤 By Pinwas IAS📅 8 September 2023⏱ 1 min read
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परिभाषा

“अधिसूचना पत्राचार का ऐसा रूप है जिसका प्रकाशन राजकीय गजट में सर्वसाधारण के सूचनार्थ किया जाता है।” या “लोक-विषयक मामलों, शासकीय निर्णयों, सूचनाओं और अन्य सांविधिक आदेशों को सर्वसाधारण के सूचनार्थ राजकीय गजट में प्रकाशित पत्र को अधिसूचना या विज्ञप्ति कहते हैं।”

अधिसूचना के प्रकार

शासकीय-पत्र व्यवहार में दो प्रकार को विज्ञप्तियाँ प्रसारित की जाती हैं—

  1. प्रशासनिक विज्ञप्तियाँ (Executive Notifications)
  2. सांविधानिक विज्ञप्तियाँ (Statuary Notifications)
क्र॰ स॰प्रशासनिक विज्ञप्तियाँसांविधानिक विज्ञप्तियाँ
1.समस्त प्रशासकीय निर्णय जो कि दिन-प्रतिदिन शासन के विभिन्न विभागों एवं अनुभागों द्वारा लिये जाते हैं और इनका प्रकाशन सर्वसाधारण के सूचनार्थ राजकीय गजट में किया जाता है; जैसे – रिक्तियाँ, स्थानान्तरण, पदोन्नति, वेतन वृद्धि इत्यादि।ये नीतिगत पहलुओं के संदर्भ में जारी की जाती हैं जो किसी शासकीय नीति या निर्णय से जुड़ी होती है; जैसे— नियमों का प्रख्यापन, किसी अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सांविधिक आदेश का निर्गत किया जाना आदि।
2. इस पर उस विभाग / कार्य के सर्वोच्च अधिकारी के हस्ताक्षर रहते हैं। इस पर यथास्थिति राष्ट्रपति या राज्यपाल के हस्ताक्षर होते हैं।
3.सर्वसाधारण के लिये।सर्वसाधारण के लिये।
4. राजकीय गजट में प्रकाशन राजकीय गजट में प्रकाशन

मुख्य बातें

  1. सभी प्रकार की अधिसूचना (विज्ञप्तियाँ) सर्वसाधारण के सूचनार्थ होती हैं।
  2. इसको तृतीय पुरुष (अन्य पुरुष) शैली में अप्रत्यक्ष अनुकथन के रूप में अभिव्यक्त किया जाता है।
  3. इसमें किसी व्यक्ति अथवा प्राधिकारी को किसी भी दशा में सम्बोधित नहीं किया जाता है।
  4. आमतौर पर अधिसूचना (विज्ञप्ति) राजकीय गजट में प्रकाशित की जाती है, (समाचार पत्रों में नहीं।)
  5. ये सूचनाएँ वास्तव में राष्ट्रपति या राज्यपालों (यथास्थिति) की ओर जारी की गयी मानी जाती हैं।
  6. इसमें प्रेषक, सम्बोधन और अधोलेख/स्वनिर्देश (भवदीय) का प्रयोग नहीं होता है।
  7. सूचना पाने वाले अधिकारी या कर्मचारी को पृष्ठांकन से एक प्रति भेज दी जाती है।
  8. लेखा विभाग अथवा अन्य सम्बद्ध विभाग को भी सूचित किया जाता है।
  9. अधिसूचना की एक प्रति अनिवार्य रूप से निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री को गजट में छापने के लिए भेजा जाता है।
  10. अधिसूचना ही एकमात्र ऐसा पत्र है जिसे पत्र के रूप भेजा जाता है तथा साथ ही गजट में प्रकाशित कर सुरक्षित रखा जाता है।
  11. गजट हिन्दी और अंग्रेजी में छापा जाता है, साथ ही राज्य की स्थिति में इन दो भाषाओं के अलावा राज्य को भाषा में भी प्रकाशित किया जाता है; जैसे— उ०प्र० में ये हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू भाषा में।

प्रारूप

अधिसूचना का प्रारूप – 1

…….. सरकार

विभाग का नाम ……….

अनुभाग का नाम ……….

संख्या………

स्थान ……., दिनांक ………..


अधिसूचना (शीर्षक)

एतद्द्वारा सर्व-साधारण को सूचित किया जाता है कि …… …… ….. …….. …….. ………….. ……….. ………….. …………. ……….. ………… … ……. ………… …………. ……….. …………. ………… ………. ।

2. ……… …………. …………….. …………….. ………….. ………….. …………. …………….. ……. …………… ……………………. ……….. ………… …….. ……………. …………………. ……………….. ……………….. ………………. …….।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(नाम …..)

पदनाम……।

पृष्ठांकन सं॰ ………., तद्दिनांक (उपर्युक्त) …….

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. …………
  2. …………
  3. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री के आगामी हिन्दी/अँग्रेजी संस्करण में प्रकाशन हेतु।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(नाम …..)

पदनाम……।

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PYQs

UPPSC (Mains) – 2010

प्रश्न— भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय के उप सचिव को अर्जित अवकाश प्रदान किये जाने की अधिसूचना का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर—

अधिसूचना का प्रारूप

भारत सरकार

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय

संख्या………

नई दिल्ली, दिनांक ………..


अधिसूचना (अवकाश)

श्री कखग उपसचिव सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को दिनांक ……… से दिनांक …………. तक अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

सचिव।

पृष्ठांकन सं॰ ………., तद्दिनांक

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. श्री कखग उपसचिव सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय।
  2. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री के आगामी हिन्दी/अँग्रेजी संस्करण में प्रकाशन हेतु।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

सचिव।

UPPSC (Mains) – 2011

प्रश्न— परिपत्र एवं अधिसूचना में अन्तर बताते हुए परिपत्र का एक प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर—
आधारपरिपत्रअधिसूचना
उद्गमपरिपत्र का उद्गम सदैव एक पद या पदाधिकारी के स्तर से होता है।जबकि अधिसूचना का उद्गम शासन या प्रशासन के सर्वोच्च प्राधिकारी के स्तर से होता है।
संचालन परिपत्र का संचालन एक-आयामी अथवा द्विआयामी होता है। जबकि अधिसूचना का संचालन ऊपर से नीचे सदैव एक आयामी होता है।
प्रारूपपरिपत्र का अपना कोई निश्चित प्रारूप नहीं होता है बल्कि यह शासकीय पत्रों के विभिन्न प्रारूपों पर भेजा जाता है।जबकि अधिसूचना का प्रारूप निश्चित होता है जिसका प्रकाशन गजट में अनिवार्य रूप से कर दिया जाता है।
भाषा-शैली परिपत्र की अपनी कोई भाषा शैली नहीं होती है बल्कि इस पत्र को जिस प्रारूप पर प्रेषित किया जाता है उसी की भाषा शैली को ग्रहण कर लेता है। जबकि अधिसूचना की भाषा-शैली तटस्थ भाव से अन्य पुरुष व अप्रत्यक्ष अनुकथन की होती है।
प्रभावपरिपत्र का प्रभाव शासकीय विभागों/कार्यालयों/व्यक्तियों तक होता है।जबकि अधिसूचना का प्रभाव जन-साधारण तक होता है।
विषय वस्तुपरिपत्र का प्रारूप जिस पर आधारित होता है उसके ही विषय वस्तु को ग्रहण कर लेता है जहाँ शासकीय परिपत्र पदीय दायित्वों के निर्वहन के लिए भेजा जाता है वहीं अर्ध-शासकीय परिपत्र यथानुरूप विभिन्न मामलों से संदर्भित होता है।अधिसूचना की विषय-वस्तु किसी शासकीय कार्य व्यवहार से जुड़ी किसी सूचना की होती है जिसमें रिक्तियाँ/पदोन्नति/पदावनति/वेतन वृद्धि/नीति-विषयक/शासकीय निर्णय का उद्देश्य समाहित होता है।

टिप्पणी— यहाँ हम केवल अधिसूचना की बात कर रहे इसलिए, परिपत्र और अधिसूचना का अन्तर का उत्तर है।

UPPSC (Mains) – 2012

प्रश्न— काल्पनिक विधानसभा में विधायक के त्यागपत्र देने के कारण रिक्त स्थान पर चुनाव की घोषणा से संबंधित अधिसूचना का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर—

अधिसूचना (प्रारूप) – रिक्त स्थान पर चुनाव की घोषणा

भारत निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन, अशोक रोड

नई दिल्ली, 110001

संख्या………

नई दिल्ली, दिनांक…………


अधिसूचना

उत्तर प्रदेश की विधान सभा सीट ‘क’ पर निर्वाचित श्री कखग द्वारा त्यागपत्र देने के कारण दिनांक ….. से स्थान रिक्त हो गया है। इस स्थान को भरने के प्रयोजन से उप-निर्वाचन कराना है।

2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अनुसरण में निर्वाचन आयोग एतद्द्वारा—

3. उत्तर प्रदेश के विधान सभा सीट ‘क’ के लोगों से यह अपेक्षा करता है कि वे दिनांक………… से पूर्व तथा उक्त अधिनियम और तद्धीन बनाए गए नियमों और उनके तहत जारी किए गए आदेशों के उपबन्धों के अनुसार राज्य विधान सभा में उक्त रिक्ति को भरने के प्रयोजन से एक व्यक्ति निर्वाचित कर दें।

4. उक्त निर्वाचन के संबंध में—

क. नाम निर्देशित करने की अन्तिम तारीख ……………

ख. नाम निर्देशन की संवीक्षा की तारीख ……………….

ग.अभ्यर्थिताएँ वापस लेने की अन्तिम तारीख …………

घ.वह तारीख जिसको यदि आवश्यक हुआ तो मतदान होगा ……………

ङ.वह तारीख जिससे पूर्व निर्वाचन सम्पन्न करा लिया जाएगा………..

च.09:00 बजे पूर्वाह्न से 04:00 बजे अपराह्न तक का समय उस समय के रूप में नियत करता है जिसको, यदि आवश्यक हुआ तो, विनिर्दिष्ट तारीख को मतदान होगा।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

पृष्ठांकन सं॰ ………., तद्दिनांक

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. राज्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तर प्रदेश सरकार।
  2. पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश सरकार।
  3. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री के आगामी हिन्दी/अँग्रेजी संस्करण में प्रकाशन हेतु।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

UPPSC (Mains) – 2013

प्रश्न— कार्यालय आदेश और अधिसूचना में क्या अन्तर है? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर—
क्र॰ सं॰कार्यालय आदेशअधिसूचना
1.इसका उद्गम कार्यालय के उच्च प्राधिकारी के स्तर पर होता है।इसका उद्गम शासन या प्रशासन के सर्वोच्च प्राधिकारी के स्तर से होता है।
2. इसे अनिवार्य अनुपालनार्थ जारी किया जाता है। इसे मात्र सूचनार्थ जारी किया जाता है।
3.इसका प्रभाव केवल संबंधित कार्यालय के अधीनस्थों तक ही होता है।अधिसूचना का प्रभाव जन-साधारण तक होता है।
4. इसके उल्लंघन की दशा में अनिवार्यतः दण्डनीय होता है। जबकि अधिसूचना अदंडात्मक प्रकृति की होती है।
5.इसको विभाग/अनुभाग अधिकारी द्वारा जारी किये जाते हैं।अधिसूचना आमतौर पर राष्ट्रपति या राज्यपालों के नाम से जारी की जाती है।
6.यह पत्र कार्यालयों के मध्य पत्र व्यवहार के रूप में होते हैं।अधिसूचना आमतौर पर सरकारी गजट में प्रकाशित होती है।

अधिसूचना (प्रारूप) – लोकसभा चुनाव की घोषणा

भारत सरकार शासन

निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन, अशोक रोड

नई दिल्ली, 110001

संख्या………

नई दिल्ली, दिनांक…………


अधिसूचना

वर्ष …. में लोक सभा का चुनाव करना निश्चित किया जा चुका है अतः आगामी लोक सभा चुनाव को देखते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि समस्त राज्य सरकार, केन्द्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी आगामी छः महीने तक चुनाव आयोग, भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य करेंगे।

2. सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा की जाती है कि ये चुनाव से संबंधित नियमों का पालन करेंगे। चुनाव आचार संहिता आज से ही लागू की जाती है। इसका पालन न करने पर संबंधित राजनीतिक पार्टी के खिलाफ यथोचित कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

3. चुनाव के दौरान किसी अधिकारी-कर्मचारी का स्थानान्तरण राज्य सरकारें चुनाव आयोग से परामर्श करने के बाद ही करेंगी।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

पृष्ठांकन सं॰ ………., तद्दिनांक

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. समस्त राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव।
  2. समस्त राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक।
  3. समस्त राजनीतिक दल।
  4. वित्त एवं गृह सचिव, भारत सरकार।
  5. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री के आगामी हिन्दी/अँग्रेजी संस्करण में प्रकाशन हेतु।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

टिप्पणी— यहाँ हम केवल अधिसूचना की बात कर रहे, इसलिए कार्यालय आदेश और अधिसूचना का अन्तर का उत्तर और अधिसूचना का प्रारूप है।

UPPSC (Mains) – 2014

प्रश्न— अधिसूचना किसे कहते हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर—

परिभाषा— “अधिसूचना पत्राचार का ऐसा रूप है जिसका प्रकाशन राजकीय गजट में सर्वसाधारण के सूचनार्थ किया जाता है।” या “लोक-विषयक मामलों, शासकीय निर्णयों, सूचनाओं और अन्य सांविधिक आदेशों को सर्वसाधारण के सूचनार्थ राजकीय गजट में प्रकाशित पत्र को अधिसूचना या विज्ञप्ति कहते हैं।”

विशेषताएँ—

  • सभी प्रकार की अधिसूचना (विज्ञप्तियाँ) सर्वसाधारण के सूचनार्थ होती हैं।
  • इसको तृतीय पुरुष (अन्य पुरुष) की भाषा में अप्रत्यक्ष अनुकथन के रूप में अभिव्यक्त किया जाता है।
  • इसमें किसी व्यक्ति अथवा प्राधिकारी को किसी भी दशा में सम्बोधित नहीं किया जाता है।
  • आमतौर पर अधिसूचना (विज्ञप्ति) राजकीय गजट में प्रकाशित की जाती है, (समाचार पत्रों में नहीं।)
  • ये सूचनाएँ वास्तव में राष्ट्रपति या राज्यपालों की ओर जारी की गयी मानी जाती हैं।
  • इसमें प्रेषक, सम्बोधन और अधोलेख /स्वनिर्देश (भवदीय) का प्रयोग नहीं होता है
  • सूचना पाने वाले अधिकारी या कर्मचारी को पृष्ठांकन से एक प्रति भेज दी जाती है।
  • लेखा विभाग अथवा अन्य सम्बद्ध विभाग को भी सूचित किया जाता है।
  • अधिसूचना की एक प्रति अनिवार्य रूप से निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री को गजट में छापने के लिए भेजा जाता है।
  • अधिसूचना ही एकमात्र ऐसा पत्र है जिसे पत्र के रूप भेजा जाता है तथा साथ ही गजट में प्रकाशित कर सुरक्षित रखा जाता है।
  • गजट हिन्दी और अंग्रेजी में छापा जाता है साथ ही राज्य की स्थिति में इन दो भाषाओं के अलावा राज्य को भाषा में भी प्रकाशित किया जाता है, जैसे- उ०प्र० में से हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू भाषा में।

अधिसूचना (प्रारूप) – लोकसभा चुनाव की घोषणा

भारत सरकार शासन

निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन, अशोक रोड

नई दिल्ली, 110001

संख्या………

नई दिल्ली, दिनांक…………


अधिसूचना

वर्ष …. में लोक सभा का चुनाव करना निश्चित किया जा चुका है अतः आगामी लोक सभा चुनाव को देखते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि समस्त राज्य सरकार, केन्द्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी आगामी छः महीने तक चुनाव आयोग, भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य करेंगे।

2. सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा की जाती है कि ये चुनाव से संबंधित नियमों का पालन करेंगे। चुनाव आचार संहिता आज से ही लागू की जाती है। इसका पालन न करने पर संबंधित राजनीतिक पार्टी के खिलाफ यथोचित कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

3. चुनाव के दौरान किसी अधिकारी-कर्मचारी का स्थानान्तरण राज्य सरकारें चुनाव आयोग से परामर्श करने के बाद ही करेंगी।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

पृष्ठांकन सं॰ ………., तद्दिनांक

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. समस्त राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव।
  2. समस्त राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक।
  3. समस्त राजनीतिक दल।
  4. वित्त एवं गृह सचिव, भारत सरकार।
  5. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री के आगामी हिन्दी/अँग्रेजी संस्करण में प्रकाशन हेतु।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

UPPSC (Mains) – 2015

प्रश्न— अधिसूचना का स्वरूप स्पष्ट कीजिए और उसका एक उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर—

अधिसूचना – स्वरूप और उदाहरण

परिभाषा— “अधिसूचना पत्राचार का ऐसा रूप है जिसका प्रकाशन राजकीय गजट में सर्वसाधारण के सूचनार्थ किया जाता है।” या “लोक-विषयक मामलों, शासकीय निर्णयों, सूचनाओं और अन्य सांविधिक आदेशों को सर्वसाधारण के सूचनार्थ राजकीय गजट में प्रकाशित पत्र को अधिसूचना या विज्ञप्ति कहते हैं।”

विशेषताएँ—

  • सभी प्रकार की अधिसूचना (विज्ञप्तियाँ) सर्वसाधारण के सूचनार्थ होती हैं।
  • इसको तृतीय पुरुष (अन्य पुरुष) की भाषा में अप्रत्यक्ष अनुकथन के रूप में अभिव्यक्त किया जाता है।
  • इसमें किसी व्यक्ति अथवा प्राधिकारी को किसी भी दशा में सम्बोधित नहीं किया जाता है।
  • आमतौर पर अधिसूचना (विज्ञप्ति) राजकीय गजट में प्रकाशित की जाती है, (समाचार पत्रों में नहीं।)
  • ये सूचनाएँ वास्तव में राष्ट्रपति या राज्यपालों की ओर जारी की गयी मानी जाती हैं।
  • इसमें प्रेषक, सम्बोधन और अधोलेख /स्वनिर्देश (भवदीय) का प्रयोग नहीं होता है
  • सूचना पाने वाले अधिकारी या कर्मचारी को पृष्ठांकन से एक प्रति भेज दी जाती है।
  • लेखा विभाग अथवा अन्य सम्बद्ध विभाग को भी सूचित किया जाता है।
  • अधिसूचना की एक प्रति अनिवार्य रूप से निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री को गजट में छापने के लिए भेजा जाता है।
  • अधिसूचना ही एकमात्र ऐसा पत्र है जिसे पत्र के रूप भेजा जाता है तथा साथ ही गजट में प्रकाशित कर सुरक्षित रखा जाता है।
  • गजट हिन्दी और अंग्रेजी में छापा जाता है साथ ही राज्य की स्थिति में इन दो भाषाओं के अलावा राज्य को भाषा में भी प्रकाशित किया जाता है, जैसे- उ०प्र० में से हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू भाषा में।

अधिसूचना (प्रारूप) – लोकसभा चुनाव की घोषणा

भारत सरकार शासन

निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन, अशोक रोड

नई दिल्ली, 110001

संख्या………

नई दिल्ली, दिनांक…………


अधिसूचना

वर्ष …. में लोक सभा का चुनाव करना निश्चित किया जा चुका है अतः आगामी लोक सभा चुनाव को देखते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि समस्त राज्य सरकार, केन्द्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी आगामी छः महीने तक चुनाव आयोग, भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य करेंगे।

2. सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा की जाती है कि ये चुनाव से संबंधित नियमों का पालन करेंगे। चुनाव आचार संहिता आज से ही लागू की जाती है। इसका पालन न करने पर संबंधित राजनीतिक पार्टी के खिलाफ यथोचित कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

3. चुनाव के दौरान किसी अधिकारी-कर्मचारी का स्थानान्तरण राज्य सरकारें चुनाव आयोग से परामर्श करने के बाद ही करेंगी।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

पृष्ठांकन सं॰ ………., तद्दिनांक

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. समस्त राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव।
  2. समस्त राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक।
  3. समस्त राजनीतिक दल।
  4. वित्त एवं गृह सचिव, भारत सरकार।
  5. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री के आगामी हिन्दी/अँग्रेजी संस्करण में प्रकाशन हेतु।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

UPPSC (Mains) – 2017 (Cancelled)

प्रश्न— भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से लोकसभा चुनाव हेतु अधिसूचना का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर—

लोकसभा चुनाव हेतु अधिसूचना का प्रारूप—

अधिसूचना (प्रारूप) – लोकसभा चुनाव की घोषणा

भारत सरकार शासन

निर्वाचन आयोग

निर्वाचन सदन, अशोक रोड

नई दिल्ली, 110001

संख्या………

नई दिल्ली, दिनांक…………


अधिसूचना

वर्ष …. में लोक सभा का चुनाव करना निश्चित किया जा चुका है अतः आगामी लोक सभा चुनाव को देखते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि समस्त राज्य सरकार, केन्द्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी आगामी छः महीने तक चुनाव आयोग, भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य करेंगे।

2. सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा की जाती है कि ये चुनाव से संबंधित नियमों का पालन करेंगे। चुनाव आचार संहिता आज से ही लागू की जाती है। इसका पालन न करने पर संबंधित राजनीतिक पार्टी के खिलाफ यथोचित कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

3. चुनाव के दौरान किसी अधिकारी-कर्मचारी का स्थानान्तरण राज्य सरकारें चुनाव आयोग से परामर्श करने के बाद ही करेंगी।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

पृष्ठांकन सं॰ ………., तद्दिनांक

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. समस्त राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव।
  2. समस्त राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक।
  3. समस्त राजनीतिक दल।
  4. वित्त एवं गृह सचिव, भारत सरकार।
  5. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री के आगामी हिन्दी/अँग्रेजी संस्करण में प्रकाशन हेतु।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त।

UPPSC (Mains) – 2018

प्रश्न— ‘अधिसूचना’ को परिभाषित करते हुए मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षकों की सेवानिवृत्ति वय बढ़ाने के सन्दर्भ में एक अधिसूचना का प्रारूप तैयार कीजिए।

उत्तर—

परिभाषा— “अधिसूचना पत्राचार का ऐसा रूप है जिसका प्रकाशन राजकीय गजट में सर्वसाधारण के सूचनार्थ किया जाता है।” या “लोक-विषयक मामलों, शासकीय निर्णयों, सूचनाओं और अन्य सांविधिक आदेशों को सर्वसाधारण के सूचनार्थ राजकीय गजट में प्रकाशित पत्र को अधिसूचना या विज्ञप्ति कहते हैं।”

अधिसूचना (प्रारूप) – शिक्षकों की सेवानिवृत्ति वय वृद्धि

उत्तर प्रदेश शासन

शिक्षा अनुभाग-1

संख्या………

लखनऊ, दिनांक…………


अधिसूचना

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षक सेवा नियमावली अधिनियम में संशोधन करके कार्यरत शिक्षकों की सेवानिवृत्ति अवधि 60 वर्ष से बढ़कर 62 वर्ष की जाती है। यह नियम वर्तमान समय से लागू माना जाए।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(कखग)

मुख्य सचिव।

पृष्ठांकन सं॰ ………., तद्दिनांक

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :

  1. नियुक्ति एवं कार्मिक अनुभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ
  2. निदेशक, शिक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
  3. सचिव, शिक्षा विभाग, सचिवालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ
  4. निजी सचिव, शिक्षामंत्री, उत्तर प्रदेश
  5. महालेखाकार, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
  6. वित्त सचिव, उत्तर प्रदेश सचिवालय, लखनऊ
  7. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज उत्तर प्रदेश को ‘उत्तर प्रदेश गजट’ के आगामी अंक में प्रकाशानार्थ

आज्ञा से

ह॰ ……………

(कखग)

मुख्य सचिव।

UPPSC (Mains) – 2022

प्रश्न— अधिसूचना किसे कहते हैं? हिन्दी प्रदेश के न्यायालयों में हिन्दी के प्रयोग को अनिवार्य करने की एक अधिसूचना विधि मंत्रालय द्वारा दी गई है। उसका उपयुक्त प्रारूप तैयार कीजिए।

उत्तर—

अधिसूचना (Notification) : “अधिसूचना पत्राचार का ऐसा रूप है जिसका प्रकाशन राजकीय गजट में सर्वसाधारण के सूचनार्थ किया जाता है।” या “लोक-विषयक मामलों, शासकीय निर्णयों, सूचनाओं और अन्य सांविधिक आदेशों को सर्वसाधारण के सूचनार्थ राजकीय गजट में प्रकाशित पत्र को अधिसूचना या विज्ञप्ति कहते हैं।”

अधिसूचना (प्रारूप) : हिन्दी प्रदेश के न्यायालयों में हिन्दी-प्रयोग की अनिवार्यता

भारत सरकार शासन

विधि मंत्रालय विभाग

संख्या………

नई दिल्ली, 03/10/2022


अधिसूचना

क्रमांक एफ 21-13/2022/दो-ए (3): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 348 एवं 349 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, विधि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हिन्दी प्रदेश के समस्त न्यायालयों में हिन्दी के प्रयोग को अनिवार्य करने की अधिसूचना जारी की जाती है।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

सचिव

विधि मंत्रालय, भारत सरकार।

पृ॰ क्र॰ एफ 21-13/2022/दो-ए(3)

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. हिन्दी प्रदेश के सभी उच्च न्यायालयों को/li>
  2. हिन्दी प्रदेश के समस्त जिला न्यायालयों को
  3. हिन्दी प्रदेश के सभी राज्य सरकारों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
  4. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री के आगामी हिन्दी/अँग्रेजी संस्करण में प्रकाशन हेतु।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(अ॰ ब॰ स॰)

सचिव

विधि मंत्रालय, भारत सरकार।

UPPSC (Mains) – 2025

प्रश्न— सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी की जाने वाली अधिसूचना का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए, जिसमें गोवर्धन पर्वत के परिक्रमा पथ में एक अस्थायी थाना सृजित करने की सूचना हो।

उत्तर—

अधिसूचना (प्रारूप) : थाना सृजन

उत्तर प्रदेश शासन

गृह (पुलिस) अनुभाग-3

संख्या : 1048/छ-पु-3-2026-100(15)/2026

लखनऊ: दिनांक: 27 जुलाई, 2026


अधिसूचना

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (2023 का अधिनियम संख्या 46) की धारा 2 की उपधारा (1) के खण्ड (ठ) [अथवा दंड प्रक्रिया संहिता, 1973] के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके, राज्यपाल महोदय गोवर्धन पर्वत परिक्रमा मेला / मुड़िया पूर्णिमा मेला के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत जनपद मथुरा के थाना गोवर्धन क्षेत्रान्तर्गत “अस्थायी थाना परिक्रमा मार्ग, गोवर्धन” सृजित करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं।

2. उक्त अस्थायी थाना अधिसूचना जारी होने की तिथि से मेला अवधि की समाप्ति (दिनांक …………………….) तक कार्यशील रहेगा। इस अस्थायी थाने का क्षेत्राधिकार एवं सीमाएँ निम्नवत निर्धारित की जाती हैं—

क्र॰ स॰अस्थायी थाने का नामसमाविष्ट क्षेत्र / परिक्रमा मार्गमूल थाना / जनपद
1.अस्थायी थाना परिक्रमा मार्ग, गोवर्धनबड़ी परिक्रमा एवं छोटी परिक्रमा मार्ग (गोवर्धन पर्वत परिक्रमा पथ), आन्यौर, जतीपुरा एवं राधाकुण्ड क्षेत्र का परिक्रमा पथ।थाना गोवर्धन / जनपद मथुरा

3. उक्त अस्थायी थाने के प्रभार में तैनात पुलिस अधिकारी को सम्बन्धित विधि के अंतर्गत एक थाना प्रभारी अधिकारी (Officer-in-Charge of a Police Station) की समस्त शक्तियाँ एवं अधिकार प्राप्त होंगे।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(क॰ ख॰ ग॰)

सचिव।

पृष्ठांकन संख्या व तद्दिनांक।

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
  2. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
  3. पुलिस महानिरीक्षक, आगरा परिक्षेत्र, आगरा।
  4. जिलाधिकारी, मथुरा।।
  5. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद मथुरा।
  6. अधीक्षक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश को ‘उत्तर प्रदेश गजट’ के आगामी अंक में प्रकाशानार्थ।

आज्ञा से

ह॰ ……………

(क॰ ख॰ ग॰)

सचिव।


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