कार्यालय ज्ञाप (Office Memorandum)

👤 By Pinwas IAS📅 11 September 2023⏱ 1 min read
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भूमिका

कार्यालय ज्ञाप को ‘कार्यालय ज्ञापन’ और संक्षेप में ‘ज्ञाप’ कहते हैं।

परिभाषा : “कार्यालय ज्ञाप पत्र-व्यवहार का वह रूप है जिसके माध्यम से किसी सरकारी कार्यालय में किसी विशिष्ट अथवा सामान्य मामलों में अंतर-कार्यालयी, अंतर-विभागीय या अंतर-वैयक्तिक ‘औपचारिक’ संदेश या अनुदेश प्रसारित किये जाते हैं। इसे आवश्यकतानुसार निजी व्यक्तियों से सम्पर्क के लिये भी प्रयुक्त किया जाता है।”

कार्यालय ज्ञाप (Office Memorandum) ऐसे प्राधिकारी अथवा कार्यालय को भेजा जाता है जो एक संस्था के अंग हों अथवा अधीनस्थ कर्मचारी हों या असाधारण / विशिष्ट व्यक्ति हों जिनको किसी विशेष मामले में सूचना दिया जाना अपेक्षित हो।

विशेषताएँ

उद्गम कार्यालय के नियत प्राधिकारी के स्तर से।

गंतव्य / संचालन इसका संचलन एक और द्वि-दिशीय दोनों हो सकता है। यह नियत प्राधिकारी के स्तर से उद्‌गमित होकर सूचना प्रेषण के गंतव्य तक पहुँचता है। यदि प्रति-उत्तर अपेक्षित न हो तो इसका संचलन एकदिशीय होता है और यदि प्रति-उत्तर की अपेक्षा की गयी हो तो पत्र का संचलन द्विदिशीय होता है।

विषयवस्तु इसकी विषयवस्तु किसी शासकीय कार्य-व्यवहार से जुड़ी किसी सूचना की होती है जिससे व्यक्ति / कार्यालय को अवगत कराये जाने की अपेक्षा होती है; यथा —

  1. उच्च अधिकारियों, सम्बन्धित अधिकारियों, सूचना के अधिकार अधि॰ – 2005 के प्रत्यावेदकों या अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को वांछित सूचना का प्रेषण पत्र के इसी आलेख में किया जाता है।
  2. कर्मचारियों से प्राप्त आवेदन पत्रों, याचिकाओं आदि का उत्तर देना।
  3. अधीनस्थ अधिकारियों को शासकीय आदेशों के अलावा अन्य मामलों से अवगत कराना।
  4. पत्रों की पावती की सूचना देना।
  5. शिकायतों का निवारण करना।
  6. किसी नियम या आदेश के उल्लंघन की चर्चा (परन्तु ऐसा पत्र आदेश के समान नहीं होता) हो सकती है।

भाषा-शैली— इसकी भाषा-शैली तटस्थ भाव तृतीय पुरुष (अन्य पुरुष) की होती हैं। इसमें अभिवादन या समाप्ति सूचक शब्द नहीं होते है। इसका आलेख औपचारिक शब्दावली में निर्धारित प्रारूप पर लिखा जाता है

अन्य— मात्र सूचनात्मक महत्त्व का होने के कारण इसका पालन स्वैच्छिक होता है। उल्लंघन की दशा में इसकी प्रकृति अदण्डात्मक होती है।

महत्त्व

  1. शासकीय-नागरिक सम्पर्क और शासकीय पारदर्शिता में योगदान।
  2. ज्ञाप को सूचना-सम्प्रेषण विधा की रीढ़ माना जाता है।
  3. इसका अभिलेखीय महत्त्व होता है।
  4. इसके द्वारा अशासकीय व्यक्तियों से भी सम्पर्क किया जा सकता है।
  5. जन-सम्पर्क में महत्वपूर्ण योगदान।
  6. सूचना का अधिकार अधिनियम – 2005 से इसकी जन-सम्पर्क गहनता अपेक्षाकृत बढ़ी है।

कार्यालय आदेश और कार्यालय ज्ञाप की तुलना

कार्यालय आदेश और कार्यालय ज्ञाप में समानता

  1. दोनों किसी शासकीय कार्यालय द्वारा ही निर्गत होते हैं।
  2. दोनों की विषयवस्तु शासकीय कार्य की होती है।
  3. दोनो प्रशासनिक गतिशीलता की दृष्टिकोण से जारी किये जाते हैं।
  4. दोनों का अभिलेखीय महत्त्व होता है।
  5. दोनों कार्यालयी कामकाज की महत्त्वपूर्ण रीति हैं।

कार्यालय आदेश और कार्यालय ज्ञाप में अंतर

क्र॰ सं॰कार्यालय आदेशकार्यालय ज्ञाप
1.कार्यालय विशेष तक प्रभावकार्यालय के बाहर अन्य कार्यालयों / व्यक्तियों / पक्षाधिकारियों तक प्रभाव
2. अधीनस्थ अधिकारियों / कर्मचारियों के लिये जारी इसे व्यक्ति विशेष के दृष्टिकोण से जारी किया जाता है।
3.पालन अनिवार्यप्रेषिती की इच्छा पर निर्भर
4. उल्लंघन पर अनुशासनात्मक व दण्डात्मक कार्यवाही अदण्डात्मक प्रकृति
5.पद से परे जाकर सेवा शर्तों का उल्लंघन करने वाले आदेश की वैधता न्यायालय में वाद योग्य होती है।वाद योग्य नहीं
6.कार्यालयी अनुशासनात्मक विषयों में महत्त्वपूर्णसूचना-सम्प्रेषण या संचार में महत्त्वपूर्ण
7.कार्यालय के उच्च प्राधिकारी द्वारा जारी किया जाता है। इसे सदैव नियत प्राधिकारी के स्तर से जारी किया जाता है।

प्रारूप

कार्यालय ज्ञाप का प्रारूप

विभाग …………

अनुभाग ……….

संख्या ………….

स्थान …….; दिनांक ………….


कार्यालय ज्ञाप

अधोहस्ताक्षरी द्वारा आपके पूर्व पत्र-व्यवहार दिनांक …….. के सम्बन्ध में सूच्य है कि ….. …….. ……… ……….. ………… ………… ………….. ……………. ………….. …………… ……… ………… ………… ………… …………. ………..।

2. ….. …….. ……… ……….. ………… ………… ………….. ……………. ………….. …………… ……… ………… ………… ………… …………. ………..।

ह॰ ……………

(नाम …..)

पदनाम……।

सेवा में,

श्री ………………………..,

पदनाम/विशिष्टता …….,

पता ………………………।

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. ………..
  2. ………..

आज्ञा से

ह॰ ……………

(नाम …..)

पदनाम……।

PDF

PYQs

UP RO/ARO (Mains) – 2013

प्रश्न— ‘ज्ञाप’ का आशय समझाते हुए उसका प्रारूप बनाइए।

उत्तर—

ज्ञाप’ को ‘कार्यालय ज्ञाप’ और ‘कार्यालय ज्ञापन’ भी कहते हैं।

परिभाषा : “ज्ञाप पत्र-व्यवहार का वह रूप है जिसके माध्यम से किसी सरकारी कार्यालय में किसी विशिष्ट अथवा सामान्य मामलों में अंतर-कार्यालयी, अंतर-विभागीय या अंतर-वैयक्तिक ‘औपचारिक’ संदेश या अनुदेश प्रसारित किये जाते हैं। इसे आवश्यकतानुसार निजी व्यक्तियों से सम्पर्क के लिये भी प्रयुक्त किया जाता है।”

ज्ञाप (Memorandum) ऐसे प्राधिकारी अथवा कार्यालय को भेजा जाता है जो एक संस्था के अंग हों अथवा अधीनस्थ कर्मचारी हों या असाधारण / विशिष्ट व्यक्ति हों जिनको किसी विशेष मामले में सूचना दिया जाना अपेक्षित हो।

कार्यालय ज्ञाप का प्रारूप

विभाग …………

अनुभाग ……….

संख्या ………….

स्थान …….; दिनांक ………….


कार्यालय ज्ञाप

अधोहस्ताक्षरी द्वारा आपके पूर्व पत्र-व्यवहार दिनांक …….. के सम्बन्ध में सूच्य है कि ….. …….. ……… ……….. ………… ………… ………….. ……………. ………….. …………… ……… ………… ………… ………… …………. ………..।

2. ….. …….. ……… ……….. ………… ………… ………….. ……………. ………….. …………… ……… ………… ………… ………… …………. ………..।

ह॰ ……………

(नाम …..)

पदनाम……।

सेवा में,

श्री ………………………..,

पदनाम/विशिष्टता …….,

पता ………………………।

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. ………..
  2. ………..

आज्ञा से

ह॰ ……………

(नाम …..)

पदनाम……।

UP RO/ARO (Mains) – 2017

प्रश्न— ज्ञाप का आशय समझाते हुए उसका लिखित प्रारूप बनाइए।

उत्तर—

ज्ञाप’ को ‘कार्यालय ज्ञाप’ और ‘कार्यालय ज्ञापन’ भी कहते हैं।

परिभाषा : “ज्ञाप पत्र-व्यवहार का वह रूप है जिसके माध्यम से किसी सरकारी कार्यालय में किसी विशिष्ट अथवा सामान्य मामलों में अंतर-कार्यालयी, अंतर-विभागीय या अंतर-वैयक्तिक ‘औपचारिक’ संदेश या अनुदेश प्रसारित किये जाते हैं। इसे आवश्यकतानुसार निजी व्यक्तियों से सम्पर्क के लिये भी प्रयुक्त किया जाता है।”

ज्ञाप (Memorandum) ऐसे प्राधिकारी अथवा कार्यालय को भेजा जाता है जो एक संस्था के अंग हों अथवा अधीनस्थ कर्मचारी हों या असाधारण / विशिष्ट व्यक्ति हों जिनको किसी विशेष मामले में सूचना दिया जाना अपेक्षित हो।

कार्यालय ज्ञाप का प्रारूप

उ॰ प्र॰ लोक सेवा आयोग

कार्मिक अनुभाग – 1

संख्या ………….

प्रयागराज; दिनांक ………….


कार्यालय ज्ञाप

सूचना का अधिकार अधिनियम – 2005 के अंतर्गत श्री कखग के प्रार्थना पत्र दिनांक ….. के सम्बन्ध में सूच्य है कि वांछित सूचना का सम्बन्ध तृतीय पक्ष से होने के कारण सूचना का अधिकार अधिनियम – 2005 की धारा – ….. के अन्तर्गत सूचना देय नहीं है।

2. विभाग के अपीलीय अधिकारी श्री चछज, संयुक्त सचिव हैं।

ह॰ ……………

(कखग)

जन सूचना अधिकारी।

सेवा में,

श्री चछज,

आत्मज श्री अबस,

पता : ग्राम – क, पोस्ट – ख,

जनपद – प्रयागराज।

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित—

  1. डाक विभाग
  2. अभिलेखागर

आज्ञा से

ह॰ ……………

(कखग)

जन सूचना अधिकारी।


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